मृत्यु की पराजय (Mrityu Ki Parajay)
Author: कृष्णकृपामूर्ती श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
Description
मृत्यु–निकट अनुभव (Near Death Experience) के तथ्य के विषय में, पिछले कुछ वर्षों से लोगों में रुचि उत्पन्न हुई होगी, परन्तु इन्हें हजारों वर्षों पूर्व श्रीमद्भागवतम् में पूरी तरह से प्रतिलिपित किया गया था। मृत्यु–निकट अनुभव हमें क्या सिखाता है? अजामिल जब यमदूतों का सामना करता है और विष्णुदूतों के द्वारा छुटकारा पाता है, तब इन दोनों प्रकार के दूतों के मध्य जो तेज दार्शनिक व आध्यात्मिक वादविवाद हुआ, उसे पढ़कर जीवन के गहनतम प्रश्नों का उत्तर ढँूढनेवाले हर व्यक्ति की जिज्ञासा जागृत होगी। श्रीमद्भागवतम् पर आधारित यह कथा मृत्यु की चुनौती का सामना करने के लिए और अन्तत: आध्यात्मिक पूर्णता प्राप्त करने के लिए ध्यान की प्रक्रियाएँ व भक्तियोग अर्थात् भक्ति के विज्ञान की विधियाँ सिखाती है।
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