सीता की रक्षा ( Sita ki Raksha )
Author: श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
Summary
श्री वाल्मीकि कृत लोकप्रिय रामायण महाकाव्य भगवान् श्रीरामचन्द्र तथा उनकी सुन्दर एवं पतिव्रता पत्नी सीतादेवी की कथा का वर्णन करता है। सीता ने स्वेच्छा से श्रीराम के साथ चौदह वर्ष वनवास में रहने का निश्चय किया और बारह वर्षों तक उन्होंने वन में अत्यन्त सुखद जीवन व्यतीत किया। तत्पश्चात् असुरराज रावण ने सीतादेवी का अपहरण कर लिया। रावण शब्द का अर्थ ही है जो पूरे संसार को पीड़ित करके रुलाये। श्री हनुमान तथा उनकी वानर सेना की सहायता से भगवान् श्रीराम रावण का वध करके सीतादेवी की रक्षा करते हैं। पाठकों के लिए रामायण के एक प्रसंग की सरल संक्षिप्त प्रस्तुति।
Product Details
- No Of Pages: 112
- Author: श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
- Language: Hindi
- ISBN Code: ISBN : 978-81-980395-1-4
- Product Size: 18 x 12 x 0.7 (cms)
- Weight: 0.1 (Kgs)
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