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ब्रज लीला (पॉकेट संस्करण) ( Braj Lila Pocket Edition )
Author: श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
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Summary
श्रीमद्भगवद्गीता में श्रीभगवान् कहते हैं कि उनका प्राकट्य, जन्म तथा कार्यकलाप सभी दिव्य हैं और जो उन्हें ठीक से समझ लेता है, वह तुरन्त ही वैकुण्ठ जाने का भागी बन जाता है। श्रीभगवान् का प्राकट्य या जन्म किसी सामान्य पुरुष का-सा नहीं होता, जिसे विगत कर्मों के आधार पर भौतिक शरीर धारण करने के लिए बाध्य होना पड़ता है। भगवान् के प्राकट्य की व्याख्या द्वितीय अध्याय में की गई है कि वे स्वेच्छा से प्रकट होते हैं। जब भगवान् के अवतार लेने का समय निकट आ गया, तो नक्षत्रगण अत्यन्त शुभ हो गए।
Product Details
- No Of Pages: 24
- Author: श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
- Language: Hindi
- ISBN Code: ISBN: 978-81-972202-7-2
- Product Size: 12.5 x 10 x 0.1 (cms)
- Weight: 0.14 (Kgs)
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