श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप (ब्रेल संस्करण) 11 भाग ( Bhagavad Gita As It Is 11 vol Set Braille Edition )
Author: श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
Summary
श्रीमद्भगवद्गीता विश्वभर में भारत के आध्यात्मिक ज्ञान के मणि के रूप में विख्यात है। भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा अपने घनिष्ठ मित्र अर्जुन से कथित गीता के सारयुक्त ७०० श्लोक आत्म-साक्षात्कार के विज्ञान के मार्गदर्शक का अचूक कार्य करते हैं। मनुष्य के स्वभाव, उसके परिवेश तथा अन्ततोगत्वा भगवान् श्रीकृष्ण के साथ उसके सम्बन्ध को उद्घाटित करने में इसकी तुलना में अन्य कोई ग्रन्थ नहीं है। कृष्णकृपामूर्ति श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद विश्व के अग्रगण्य वैदिक विद्वान तथा शिक्षक हैं और वे भगवान् श्रीकृष्ण से चली आ रही अविच्छिन्न गुरु-शिष्य परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस प्रकार गीता के अन्य संस्करणों के विपरीत, वे भगवान् श्रीकृष्ण के गंभीर संदेश को यथारूप प्रस्तुत करते हैं—किसी प्रकार के मिश्रण या निजी भावनाओं से रंजित किये बिना। यह संस्करण निश्चय ही किसी भी पाठक को इसके प्राचीन, किन्तु सर्वथा सामयिक संदेश से प्रबोधित तथा प्रकाशित करेगा।
Product Details
- No Of Pages: 1588
- Author: श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
- Language: Hindi
- ISBN Code: ISBN: 978-81-963952-7-8
- Product Size: 31 x 39 x 33 (cms)
- Weight: 13 (Kgs)
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